रत्नेश्वर महादेव मंदिर वाराणसी
काशी के कण-कण में एक एक रहस्य भरा हुआ है कही तिल -तिल बढ़ते हुए तिलभांडेश्वर तो कहीं करीब 400 सालों से 9° पर झुके हुए रत्नेश्वर महादेव। Youtube पर देखे - कथाओं के अनुसार 15 और 16वीं शताब्दी के बीच कई राजा-रानियां काशी वास के लिए आए। उनमें से एक थे मान सिंह।उनका एक सेवक था जिसके मन में था कि वह अपने मां के दूध का कर्ज उतार दे इसीलिए वह अपनी मां के नाम से एक शिव जी का मंदिर बनाने लगा उसने बनारस के मणिकर्णिका घाट को चुना ।सेवक ने मंदिर बनवाने के लिए राजस्थान से कारीगरों को बुलाया और अपनी शक्ति के अनुसार मंदिर को जितना अच्छा बनवा सकता था उतना अच्छा बनवाया। मंदिर बन ने के पश्चात वो अपने माँ को लेकर मंदिर गया और वहाँ जाके अपनी माँ से बोला - माँ ये लो मैंने ये मंदिर बनवा के तुम्हारे दूध का कर्ज उतार दिया । ये सुनके उसकी माँ बहुत ही दुखी हो गयी और बिना मंदिर के अंदर गय ही वापस जाने लगी तब उस सेवक ने कहा कि - माँ अंदर जाकर मंदिर के दर्शन नही करोगी । माँ ने कहा - बेटा तुम एकबार मंदिर देख लो जब सेवक ने मंदिर देखा तो मंदिर झुक गया था । उसकी माँ का नाम रत्ना होने के क...